खेल – खेल में लेखक बन गया 12 साल का बालक अबान, लिख दिए दो उपन्यास

खेल – खेल में लेखक बन गया 12 साल का बालक अबान, लिख दिए दो उपन्यास

जिस उम्र में बच्चे स्कूल के होमवर्क से तनाव में रहते हैं. वीडियो गेम्स, टीवी पर कार्टून चैनल्स या फिर सोशल मीडिया में उलझे रहते है, इस उम्र में अगर कोई बच्चा किताब या उपन्यास( नॉवेल) लिखे तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है.ऐसे ही बच्चे का नाम है अबान अंसारी. बिलाबोंग इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा आठवीं में पढ़ रहे अबान अंसारी की पिछले दो साल में दो नॉवेल प्रकाशित हो चुके हैं. अब वह तीसरा नॉवेल लिख रहे हैं. सम्भवतः वह मध्यप्रदेश में सबसे कम उम्र के लेखक हैं. 12 साल की उम्र में अंग्रेजी में दो नॉवेल लिखने पर उन्हें कई संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं.

अबान बताते है कि उनके अंकल राशिद किदवई भी लेखक हैं. उन्हीं की प्रेरणा से वह पढ़ने-लिखने की ओर अग्रसर हुए. स्कूल से आकर होमवर्क करने के बाद वह वीडियो गेम्स खेलता था. इसके बाद टेबल टेनिस पर हाथ आजमाता था. इसी दौरान मेरे अब्बा फरहान अंसारी ने मुझसे कहा कि खेल-खेल में ही कुछ नया करो, कुछ प्रोडक्टिव करो, जो आपको अच्छा लगे. अपने अब्बा की इस बात से उनका दिमाग कुछ अलग हटकर करने के बारे में सोचने लगा. अबान बताते हैं कि दरअसल मुझे पढ़ने का शौक शुरू से ही है . एक दिन वीडियो गेम्स खेलने के दौरान मुझे एक आईडिया आया . और उस दिन सोचता रहा कि अपने आईडिया को मैं शब्दों में कैसे उतारूँ ? अगले दिन मैंने अपने लैपटॉप पर माइक्रोसॉफ्ट ओपन कर वर्ड पेड पर लिखना शुरू कर दिया. डेढ़ घंटे बाद मेरी कहानी की रूपरेखा तैयार हो गयी. अगले दिन कहानी के बारे में स्कूल में मेरे सहपाठी दोस्त से चर्चा हुई. उसकी रूचि भी पढ़ने-लिखने में है. उसने मुझे ऑब्स्टर कहके पुकारना शुरू कर दिया और मुझे मेरी कहानी का शीर्षक मिल गया .

इस प्रकार मैंने कहानी का नाम एब्सटर अमजेड रख दिया. ये कहानी लम्बी होती गयी और इस प्रकार मैंने इसे अपने पहले नॉवेल का रूप दे दिया. अबान का कहना है कि स्कूल का होमवर्क करने के बाद अपने पसंद के खेल खेलने के बाद करीब डेढ़ घंटे रोजाना नॉवेल लिखता रहा. डेढ़ माह बाद मेरी कहानी का समापन हुआ और फिर इसे नॉवेल के रूप में संजोया. इस नॉवेल का नाम है एब्सटर अमेज़ेड. इसका प्रकाशन फरवरी 2019 में हुआ. यह नॉवेल जासूसी पर आधारित है . इस नॉवेल की कहानी कुछ इस प्रकार है कि एब्सटर नाम का लड़का खाने का बहुत शौक़ीन था . वह वीडियो गेम्स खेलने का भी शौक़ीन था. वीडियो गेम्स में वह अपने लिए एक मकान ढूढ़ रहा था . इसी दौरान अखबार में उसे एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमे एक मकान बिकाऊ था . यह मकान बहुत बड़ा व प्राचीन कलाकृति से परिपूर्ण था . अंततः वह इस मकान को खरीद लेता है . मकान में रहने के दौरान उसने पाया कि यहां कोई अपराधी प्रवत्ति का व्यक्ति रहता था. इसकी पड़ताल करते करते वह भी अपराधी बन गया. इसके बाद कैसे वह इस दलदल से बाहर निकला? यही कहानी मेरे जासूसी उपन्यास एब्सटर अमेज़ेड में है .

अबान बताते हैं कि यह नॉवेल प्रकाशित होने के बाद उसका उत्साह बढ़ गया और उसने दूसरा नॉवेल लिखना शुरू कर दिया. इस नॉवेल का नाम है एब्सटर एंड वेरी केस्टल मिस्ट्री . इस नॉवेल का प्रकाशन इसी माह किया गया है . अबान अब तीसरा नॉवेल लिख रहे हैं. अबान बताते है कि इतनी कम उम्र में दो नॉवेल प्रकाशित होने पर उसे कई संस्थानों ने पुरस्कृत किया है. दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में उसे पुरस्कृत किया गया. इसके बाद एपीजे कलाम अवार्ड से भी अबान को सम्मानित किया गया. अबान बताते हैं कि मेरे नॉवेल प्रकाशित होने पर उन्हें भोपाल के आनंद निकेतन स्कूल में आमंत्रित किया गया. जैसे ही मैं वहा पहुंचा तो बच्चों ने मेरे नाम का एक कार्ड मुझे गिफ्ट किया . यह क्षण मेरे लिए बहुत भावुक था, क्योंकि इस कार्ड व गिफ्ट में बच्चों की भावनाएं छिपी थीं

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